REET Mains 3rd Grade L-1 Cutoff 2026 REET Mains 3rd Grade Level-1 कटऑफ 2026: हार्ड पेपर और कम पदों का असर REET Mains 3rd Grade Level-1 परीक्षा 2026 इस बार कई मायनों में चर्चा में रही। सबसे बड़ा कारण रहा पेपर का कठिन स्तर और प्रश्नों की लंबाई। जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, उनका कहना है कि इस बार सवाल न सिर्फ कांसेप्ट बेस्ड थे बल्कि समय भी काफी कम पड़ गया। यही वजह है कि अधिकतर स्टूडेंट्स पूरे पेपर में स्ट्रगल करते नजर आए। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि कटऑफ पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम रह सकती है।
REET Mains 3rd Grade Level-1 कटऑफ 2026 हार्ड पेपर और कम पदों का असर
REET Mains 3rd Grade Level-1 परीक्षा 2026 इस बार कई मायनों में चर्चा में रही। सबसे बड़ा कारण रहा पेपर का कठिन स्तर और प्रश्नों की लंबाई। जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, उनका कहना है कि इस बार सवाल न सिर्फ कांसेप्ट बेस्ड थे बल्कि समय भी काफी कम पड़ गया। यही वजह है कि अधिकतर स्टूडेंट्स पूरे पेपर में स्ट्रगल करते नजर आए। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि कटऑफ पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम रह सकती है।
REET Mains 3rd Grade L-1 Cutoff 2026 कितने पदों पर कितने स्टूडेंट
इस बार करीब 3 लाख अभ्यर्थियों ने Level-1 का एग्जाम दिया, जबकि कुल पद सिर्फ 2200 हैं। यानी प्रतियोगिता बेहद कड़ी है। सामान्य तौर पर जब अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा और पद कम होते हैं, तो कटऑफ ऊपर जाती है, लेकिन पेपर का लेवल अगर ज्यादा हार्ड हो जाए तो यह फैक्टर बैलेंस हो जाता है। इस साल का पेपर लंबा और एनालिटिकल होने की वजह से बहुत से अच्छे स्टूडेंट्स भी पूरे प्रश्न हल नहीं कर पाए।
REET Mains 3rd Grade L-1 Cutoff 2026 यह रह सकती हैं अनुमानित कटऑफ
विशेषज्ञों और छात्रों के फीडबैक के आधार पर जो संभावित कटऑफ सामने आ रही है, वह इस प्रकार मानी जा रही है –
GEN – 86 प्रश्न,
OBC – 82 प्रश्न,
EWS – 79 प्रश्न,
SC – 71 प्रश्न,
ST – 68 प्रश्न।
हालांकि ये आंकड़े अनुमानित हैं, फिर भी Level-1 के हिसाब से यह कटऑफ कई लोगों को ज्यादा लग सकती है। क्योंकि पेपर जितना कठिन बताया जा रहा है, उस हिसाब से जनरल के लिए 86 प्रश्न सही करना आसान नहीं था। खासकर जिन छात्रों ने समय की कमी के कारण कई प्रश्न छोड़ दिए, उनके लिए यह आंकड़ा चुनौतीपूर्ण है।
REET Mains 3rd Grade L-1 Cutoff 2026 पेपर का लेवल उच्च स्तर
इस बार का पेपर RSSB/RPSC स्टाइल का रहा, जिसमें रटंत ज्ञान से ज्यादा कॉन्सेप्ट, समझ और एनालिसिस पर जोर था। ऐसे में वही अभ्यर्थी आगे निकल पाए, जिन्होंने पूरे सिलेबस का गहन अध्ययन किया था और नियमित प्रैक्टिस की थी। यही कारण है कि बहुत से औसत तैयारी वाले स्टूडेंट्स 70–80 प्रश्नों के आसपास ही सिमट गए।
Level-1 में कटऑफ का सीधा असर मेरिट लिस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कॉल पर पड़ेगा। चूंकि पद कम हैं, इसलिए चयनित अभ्यर्थियों का स्कोर टॉप रेंज में ही रहेगा। फिर भी यह उम्मीद की जा रही है कि रिजल्ट आने के बाद कुछ कैटेगरी में 1–2 प्रश्न का फर्क देखने को मिल सकता है।